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Think India Journal popularly known as Think India Quarterly is now UGC Care listed. We are accepting submissions for publication, send papers for review to editor@eduindex.org Title of the document As the journal is published quarterly, we call it Think India Quarterly, some people call it Think India journal as it is a journal.

भारत में कंप्यूटर और इंटरनेट क्रांति

आज का यह युग कंप्यूटर का युग है। जीवन के हर क्षेत्र चाहे वह छपाई हो, चिकित्सा का हो, सुरक्षा का हो आदि में इसका प्रयोग किया जा रहा है। कंप्यरर ने मानव जीवन में एक अभूतपूर्व क्रांति ला दी है। इसके बिना आज का जीवन मानव  कल्पना भी नहीं कर सकता।
कंप्यूटरों की उपयोगिता सर्वत्र देखी जा सकती है। रक्षा, अनुसंधान, मौसम, अंतरिक्ष यात्रा, बैंकिंग, व्यापार (बड़ा या छोटा), उत्पादन, मनोरंजन, गृह कार्य, अध्यापन-अध्ययन, फिल्म निर्माण आदि सभी क्षेत्रों में इसका प्रयोग हो रहा है। इसके
प्रयोग से कार्य सरल व बेहतर हो गए हैं। अगर हम मानव मस्तिष्क से कंप्यूटर की तुलना करें तो यह गलत नहीं है, क्योंकि कंप्यूटर भी तो आख़िर मानव का ही बनाया हुआ है।  कंप्यूटर एक ऐसी मशीन है जो कठिन-कठिन जोड़, घटा,गुणा, भाग, आदि को अत्यंत शीघ्रता से तथा शत-प्रतिशत शुद्धता से करने में सामर्थ्य है। कंप्यूटर वैसे तो केवल 1 व 0 संख्या की भाषा समझता है पर उसकी अपनी भाषा भी है जैसेलोटस, कोबोल, पासकल, बेसिक आदि ।
कंप्यूटर का प्रयोग, पहली बार 1961 में भारत में हुआ। जो कि विदेशों से आयात किए हुए थे। खैर अब तो भारत में भी अच्छे बनने लगे हैं। । विभिन्न कंप्यूटरों का एक जाल (Network) है, जिसे हम इंटरनेट कह सकते हैं।
इंटरनेट, जिसे हम अंग्रेजी में नेट के नाम से भी जानते हैं, एक इलैक्ट्रॉनिक उपकरण (माध्यम) है। यह उन सबसे बड़े संचार जालों में से एक है, जो पूरी दुनिया में लाखों-करोड़ों कंप्यूटर को एक-दूसरे से जोड़ता है। कुछ संचार उपकरणों और माध्यमों जैसे मॉडम, केबल, टेलीफोन लाइन और सेटेलाइट आदि के जरिए इस नेटवर्क से आसानी से जुड़ा जा सकता है।
आजकल लोगों द्वारा कंप्यूटर खरीदने के पीछे एक बड़ा कारण इंटरनेट भी है। इसकी सहायता से पलक झपकते ही स्थानीय, राष्ट्रीय तथा अंतर-राष्ट्रीय खबरें प्राप्त की जा सकती हैं। इसके माध्यम से हम पूरी दुनियाँ से जुड़ सकते हैं।
किसी के बारे में जानकारी प्राप्त करना हो तो हम प्राप्त कर सकते हैं।
इंटरनेट के कई फायदे हैं, जैसे-ई-मेल, सूचना, मनेरंजन, प्रोग्राम्स, डिस्कशन ग्रुप, ऑनलाइन शॉपिंग, चैटिंग आदि।
वर्ल्ड वाइड वैब (WWW), स्वयं इंटरनेट का एक सबसैट है। वैब कंप्यूटर पर दुनिया की चारों तरफ की खबरों का एक विशाल संग्रह है और वैब इंटरनेट के जरिए स्पेशल साइट्स से बना हुआ है जो वैब ब्राउजिंग को सहायता प्रदान
करता है। वैब पेज, इंटरनेट या वैब, इलैक्ट्रॉनिक डॉक्यूमेंट के वर्ल्ड वाइड कलेक्शन से जुड़ी है। इनमें से प्रत्येक इलैक्ट्रॉनिक डॉक्यूमेंट को वैब पर वैब पेज कहा जाता है। एक वैब पेज टैक्सट, ग्राफिक्स, साउंड और वीडियो और दूसरे डॉक्यूमेंट्स के बने कनैक्शन रख सकता है।
वैब साइट (Website) वैब पेजों का एक ऐसा संग्रह है जो किसी के द्वारा भी बनवाया जा सकता है। इनके लिए होम पेज होता है, जिसमें साइट के कन्टेन्ट होते हैं। जिसे हम बुक कवर भी कह सकते हैं।
इंटरनेट के जरिए हम कुछ सर्च इंजनों और सोशल नेटवर्किंग के माध्यम से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, मुख्यतः गूगल, फेसबुक, ट्वटर आदि का प्रयोग होता हैं।
फायदों के पीछे होने वाले नुकसान को हम अनदेखा नहीं कर सकते, मनोरंजन और ज्ञान का इससे अच्छा साधन और क्या हो सकता है, पर इसका दुरुपयोग भी बड़े पैमाने पर हो रहा है। कई कंप्यूटर को वायरस (भेजकर) ख़राब किया जा रहा है। अश्लीलता को बढ़ावा दिया जा रहा है, साइबर क्राइम बढ़ रहा है आदि युवा  घंटों इसका प्रयोग कर रहे हैं, जिस कारण उनके स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है।

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