Facebook

Think India Journal popularly known as Think India Quarterly is now UGC Care listed. We are accepting submissions for publication, send papers for review to editor@eduindex.org Title of the document As the journal is published quarterly, we call it Think India Quarterly, some people call it Think India journal as it is a journal.

आज मेरी क़िस्मत अच्छी है

अगर आपने गूगल का हिंदी खोजक इस्तेमाल किया हो तो आपकी नज़र उस बटन पर ज़रूर पड़ी होगी जो कहता है - 'आज मेरी क़िस्मत अच्छी है'. अगर आप कुछ लिखकर 'खोज' की बजाय यह बटन दबाते हैं तो गूगल सीधा आपको सबसे संगत परिणाम (यानि जो परिणाम पृष्ठ पर सबसे ऊपर हो) की साइट पर भेज देता है.

करीब 5-6 साल पहले जब मैंने गूगल के जुमले "I'm Feeling Lucky" का यह अनुवाद किया था तब हिंदी खोज की दुनिया बिल्कुल सुनसान थी. स्वामित्वधारी फ़ॉण्टों पर बनी कुछ हिंदी साइटें चल रही थीं और उनमें खोज पाने की तरकीब किसी के पास नहीं थी. बीबीसी हिंदी के अलावा कोई प्रमुख साइट यूनिकोड में नहीं थी. गूगल ख़ुद भी यूनिकोड समर्थन के साथ प्रयोग ही कर रहा था और नतीजतन यह अनुवाद भी मुझे रोमन लिपि (आइट्रांस) में करना पड़ा था.

तब से अब तक इंटरनेट पर हिंदी की गंगा में बहुत बाइट्स बह चुके हैं. ऐसे खोज इंजन उपलब्ध हैं जो न केवल यूनिकोड बल्कि सभी मुख्य हिंदी कूटकरणों को पहचान सकते हैं और उन्हें सूचीकृत या इंडेक्स कर सकते हैं. और सबसे बड़ी बात जिसका ज़िक्र मैंने कुछ दिन पहले किया था कि अब ढूँढ़ने को भी बहुत कुछ है.

इस समय छह ऐसी हिंदी खोज साइटें हैं जो अपना खोज इंजन (खोजक) इस्तेमाल करती हैं - गूगललाइव (या एमएसएन), याहूभ्रमररफ़्तार, और गुरूजी. आइए इन हिंदी खोजकों द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और इनके तकनीकी परिमाणों पर एक तुरत तुलनात्मक नज़र डालें.

हिंदी टाइप सुविधा
गूगल - नहीं
लाइव - नहीं
याहू - नहीं
भ्रमर - नहीं
रफ़्तार - हाँ
गुरूजी - हाँ
-
हालाँकि धीरे धीरे यह सुविधा अप्रासंगिक होती जाएगी, इस वक़्त इसके बड़े फ़ायदे हैं. दुख की बात यह कि जहाँ यह सुविधा उपलब्ध है वहाँ भी फ़ायरफ़ॉक्स पर काम नहीं करती.

वर्तनी सुझाव
गूगल - नहीं
लाइव - नहीं
याहू - नहीं
भ्रमर - नहीं
रफ़्तार - हाँ
गुरूजी - हाँ

प्रति संचय
गूगल - हाँ
लाइव - हाँ
याहू - हाँ
भ्रमर - नहीं
रफ़्तार - हाँ
गुरूजी - हाँ

ग़ैर-यूनिकोड सूचन (इंडेक्सिंग)
गूगल - हाँ
लाइव - हाँ
याहू - हाँ
भ्रमर - नहीं
रफ़्तार - हाँ
गुरूजी - हाँ
-
भ्रमर के अलावा सभी खोजक अब अयूनिकोडित सामग्री को सूचीबद्ध करने में समर्थ हैं

हिंदी अंतरपटल
गूगल - हाँ
लाइव - हाँ
याहू - नहीं
भ्रमर - हाँ
रफ़्तार - हाँ
गुरूजी - हाँ
-
यह एक आवश्यक परिमाण है और एक तर्क हो सकता है कि याहू को इस वजह से हिंदी का खोजक माना ही न जाए.

सूचक आकार (नमूना खोजशब्द - "हिन्दी")
गूगल - 6430 हज़ार
लाइव - 356 हज़ार
याहू - 418 हज़ार
भ्रमर - 98
रफ़्तार - 96 हज़ार
गुरूजी - 62 हज़ार
-
सूचीबद्ध पन्नों की संख्या एक बहुत महत्वपूर्ण मानदंड है. यहाँ गूगल स्पष्ट रूप से बहुत आगे है. और भ्रमर लगभग इस दौड़ से बाहर ही हो गया है.

तेज़ी (नमूना खोजशब्द - "हिन्दी")
गूगल - 0.018 सेकेंड/हज़ार-शब्द
लाइव - (खोजसमय अनुपलब्ध)
याहू - 0.21 सेकेंड/हज़ार-शब्द
भ्रमर - (सूचक बहुत छोटा)
रफ़्तार - 1.875 सेकेंड/हज़ार-शब्द
गुरूजी - (खोजसमय अनुपलब्ध)
-
लाइव और गुरुजी के लिए हालाँकि खोज समय आँकड़े उपलब्ध नहीं है, पर वे काफ़ी तेज़ दिखाई देते हैं. गूगल सबसे तेज़ है और लाइव उससे बहुत पीछे नहीं.

ये कुछ महत्वपूर्ण परिमाण थे और एक सरसरी नज़र बताती है कि गूगल हिंदी खोज में भी नम्बर 1 है. पर साथ ही यह भी कि गुरुजी जैसे भारतीय खोजक उन बातों में बेहतर हैं जो एक हिन्दीभाषी के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं.

पर जो बात सबसे अच्छे खोजक को बाक़ियों से अलग करेगी वह है परिणामों की संगतता. इसके लिए बड़ा सूचक (इंडेक्स) होना महत्वपूर्ण है पर उससे भी ज़्यादा ज़रूरी है खोज एल्गॉरिद्म - वह फ़ॉर्मूला जो किसी परिणाम को ऊपर दिखाता है और किसी को नीचे. और किसी को सबसे ऊपर. मुझे इस समय गूगल इस मामले में सबसे आगे दिखता है, पर बेहतर होगा कि आप इसे ख़ुद मापें. तो जब जब कुछ खोजने पर आपको इच्छित परिणाम सबसे ऊपर दिखाई दे, बोलिए आज मेरी क़िस्मत अच्छी है. और आप जल्दी ही अपनी पसंद का इंजन पा जाएँगे.

Post a Comment

0 Comments