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अर्जुन अटवाल

अजुन अटवाल भारत के पहले गोल्फ खिलाड़ी हैं। जिन्होंने यू.एस., पी.जी.ए. टूर में खिलाड़ी के रूप में भाग लिया। इसके अतिरिक्त वह ऐसे पहले खिलाड़ी हैं जिन्होंने एशियाई पी.जी.ए. टूर में 10 लाख डॉलर से अधिक की कमाई की है। अर्जुन अटवाल पहले ऐसे भारतीय गोल्फ खिलाड़ी हैं जिन्होंने यूरोपीय टूर में ‘ऑर्डर ऑफ मेरिट’ जीता है। उन्होंने वर्ष 2008 में ‘एशियाई आर्डर ऑफ मेरिट’ में भी सर्वश्रेष्ठ स्थान पाया है।
अर्जुन अटवाल भारत के सर्वश्रेष्ठ गोल्फ खिलाड़ियों में से एक हैं। उन्होंने गोल्फ में एक प्रोफेशनल खिलाड़ी के रूप में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। उन्होंने प्रतिष्ठित यू.एस., पी.जी.ए. टूर में खेल कर प्रथम भारतीय खिलाड़ी होने का गौरव पाया है।
जब अर्जुन किशोरावस्था में ही थे, तब उन्होंने गोल्फ की ट्रिक्स व बारीकियां सीख ली थीं। उन्होंने रॉयल कलकत्ता गोल्फ क्लब के हरे-भरे मैदानों में इस खेल को भली-भांति सीखा था। 1995 में वह इस खेल के प्रोफेशनल खिलाडी बन गए। उनकी ऊंचाई 6 फुट एक इंच है।
इसके पश्चात उन्होंने एशियाई टूर में अपने खेल की श्रेष्ठता साबित कर दी। उन्होंने 2003 में एशियाई ‘आर्डर ऑफ मेरिट’ में सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त किया। वर्ष 2003 में अर्जुन भारत के ऐसे पहले खिलाड़ी बने जिन्होंने एशियाई पी.जी. ए. टूर में 10 लाख अमेरिकी डॉलर से अधिक की कमाई की। उन्होंने ‘हीरो होंडा मास्टर्स में भारत में एक स्ट्रोक से जीत हासिल कर इतनी बड़ी रकम पर विजय प्राप्त की।
अटवाल जीव मिल्खा सिंह के बाद दूसरे खिलाड़ी हैं जिन्हें ‘यूरोपियन टूर’ की सदस्यता हासिल हुई है। अर्जुन को एक अन्य मामले में भी प्रथम खिलाड़ी होने का श्रेय प्राप्त है। वह ऐसे प्रथम भारतीय हैं जिन्होंने ‘यूरोपीय टूर आर्डर ऑफ मेरिट’ जीता है। यह खिताब उन्होंने 2002 में ‘काल्टेक्स सिंगापुर मास्टर्स में जीता था।
2003 में अटवाल ने यूरोपीय टूर में दूसरी बार सफलता हासिल की। उन्होंने ‘करिस वर्ग मलेशियाई ओपन’ में अमेरिकी ओपन विजेता रिटीफ गृजन को हराकर चार शॉट विजय हासिल की।
अटवाल ने 2004 में यू.एस. पी.जी.ए. टूर में पहली बार भाग लिया और बेहतरीन प्रदर्शन किया। फिर 2005 में भी उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया, यद्यपि उन्होंने ‘बेल साउथ क्लासिक’ में एक छोटी हार का सामना किया।

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