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सौरव गांगुली

सौरव गांगुली, जिसे प्यार से दादा भी कहा जाता है की गिनती भारतीय क्रिकेट टीम के सफलतम कप्तानों में होती है। वह बायें हाथ का उत्तम बल्लेबाज़ है। लाखों लोग सौरव गांगुली के दीवाने हैं।
भारत में क्रिकेट सर्वाधिक लोकप्रिय खेल है। शिक्षित हो या अशिक्षित, युवा हो, बच्चा हो या बूढ़ा हो, हर वर्ग के लोगों में क्रिकेट बेहद लोकप्रिय खेल है। जब कभी बड़ी टैस्ट श्रृंखला या एक दिवसीय क्रिकेट श्रृंखला चल रही हो तो क्रिकेट के दीवाने बाज़ार में, दफ्तरों में, घरों में काम छोड़ कर टी.वी. या रेडियो में ध्यान लगाए क्रिकेट का आनन्द उठाते देखे जा सकते हैं।
भारतीय क्रिकेट टीम के भूतपूर्व और सफल कप्तान सौरव गांगुली के बारे में जानना रोचक भी होगा, और महत्त्वपूर्ण भी।
सौरव गांगुली का पूरा नाम सौरव चंडीदास गांगुली है। वह दाहिने हाथ का मीडियम पेस गेंदबाज़ भी है। उसने पहला एक दिवसीय मैच वेस्टइंडीज़ के खिलाफ ब्रिसबर्न में 11 जनवरी, 1992 को खेला था तथा पहला टेस्ट लार्ड्स मैदान पर इंग्लैंड के विरुद्ध 1996 में खेला था।
उसकी बल्लेबाज़ी में ताकत और जोश का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। वह ऑफ साइड पर भी कमाल के शॉट्स खेलते हैं। उन्हें जब टेस्ट मैच में शामिल किया तो उनकी तीखी आलोचना हुई। कहा गया कि कोटा सिस्टम के कारण उसे टीम में रखा गया। लेकिन सौरव ने अपनी पहली दो टैस्ट पारियों में शतक बना कर सब को चुप करा दिया। यही नहीं, उन मैचों में उन्होंने अधिक विकेट लेकर ‘मैन ऑफ द सीरीज’ पुरस्कार भी जीत लिया।
शुरू में सौरव गांगुली को, उनके ऑन साइड स्ट्रोक न खेल पाने के कारण, केवल टेस्ट मैच खेलने के योग्य समझा गया, लेकिन जल्दी ही उन्होंने अपनी कमज़ोरी पर विजय प्राप्त कर ली और 1997 में टोरंटो में हुए सहारा कप में
पाकिस्तान के विरुद्ध शानदार खेलते हुए हर भारतीय के दिल में अपनी जगह बना ली। उसने 75 गेंदों पर 75 रन बनाने का कमाल दिखाया है और 16 रन देकर 5 विकेट लेने का भी। उसने टोरंटो में 1 बार ‘मैन ऑफ द मैच’ जीता। इसी कारण ‘मैन ऑफ द सीरीज़’ भी वह चुने गए।
वे अनेक बार सचिन तेंदुलकर के साथ ‘ओपनिंग’ खिलाड़ी के रूप में खेले हैं। सौरव की मुख्य समस्या विकेट के बीच भागने की है। वह एक-एक रन की बजाय चौका लगाने में ज्यादा यकीन करते हैं।
सौरव को श्रीलंका के विरुद्ध खेली गई सीरीज़ में भी ‘मैन ऑफ द सीरीज़ चुना गया। 1997 में एक दिवसीय मैच में सर्वाधिक रन बनाने के कारण वर्ष का सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज़ घोषित किया गया। उनके शतक की बदौलत ही ढाका में पाकिस्तान के विरुद्ध भारत ने सर्वाधिक 314 का स्कोर एक दिवसीय मैच में बना डाला। एक दिवसीय मैच में उनकी तेंदुलकर के साथ 252 रन की पार्टनरशिप आज तक का सर्वाधिक ऊँचा रिकार्ड है। एक दिवसीय क्रिकेट इतिहास में उनकी और सचिन की ओपनिंग जोड़ी विश्व की चौथे नंबर की बेहतरीन जोड़ी है।

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