टेलीविज़न के लाभ तथा हानियाँ

दूरदर्शन आधुनिक युग का एक ऐसा साधन है जो मानव को मनोरंजन देने के साथ – साथ प्रेरणा और शिक्षा भी प्रदान करता है । मनुष्य चाहे किसी भी आयु वर्ग या आर्य वर्ग अथवा किसी भी देश का वासी हो सभी के मन में एतिहासिक, धार्मिक, सांस्कृतिक स्थानों को देखने की लालसा रहती है ।
त्रेता युग में महाभारत के युद्ध के समय संजय ने घर बैठे – बैठे ही अपनी हृद्यादृष्टि से अंधे ध्रतराष्ट्र को युद्ध के हाथों का आँखों देखा हाल सुनाया था । इस घटना पर सहसा विशवास नहीं होता कि इस प्रकार का कोई दिव्या पुरुष रहा होगा जिसने अपनी दिव्यदृष्टि से युद्ध की घटनाओं को साक्षात् देखा होगा । पर जब हम आज विज्ञान के उपहार टी. वी पर दृष्टिपात करते हैं तो लगता है वह भी संजय की भांति दिव्यदृष्टि से यूक्त है जो हमें घर बैठे ही देश – विदेश की घटनाओं को अपनी आँखों से दिखा देता है । और दिन – रात हमारा मनोरंजन करता है । आज तो टी.वी प्रत्येक परिवार की आवश्यकता बन गया है ।

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